क्रिया की परिभाषा और भेद – क्रिया के कितने भेद होते है उदाहरण सहित

Kriya in Hindi (क्रिया की परिभाषा और भेद) – भारत में आजकल अग्रेजी सीखने की तरफ छात्रो और युवाओं का रुझान काफी बढ़ रहा है। जिस तरह इंग्लिश सीखने के लिए इंग्लिश ग्रामर को सही से ज्ञान होना जरुरी होता है, उसी तरह हिंदी भाषा को भी सीखने और शुद्ध रूप से लिखने के लिए हिंदी व्याकरण के हर चेप्टर को समझना बहुत आवश्यक है। Class 5, 6, 7, 8, 9 या Class 10 में क्रिया हिंदी व्याकरण का एक बहुत जरुरी अध्याय है जिसके बारे में हम आपको सम्पूर्ण जानकारी देंगे। आज आप सीखोगे क्रिया किसे कहते है – क्रिया के कितने भेद होते है और उनके उदाहरण।

kriya ke kitne bhed hote hai
क्रिया की परिभाषा और भेद

क्रिया की परिभाषा और भेद – Kriya in Hindi

हिंदी भाषा का ऐसा शब्द जिससे किसी काम के होने या करने का पता चले वो क्रिया कहलाता है। क्रिया का मतलब होता है करना। हिंदी भाषा का कोई भी वाक्य बिना क्रिया के पूरा नहीं हो सकता। किसी वाक्य में काल, कर्म या कर्ता का बोध भी क्रिया के द्वारा ही किया जाता है।

क्रिया के मूल रूप को धातु कहते है और जब धातु के साथ ना जोड़ दिया जाए तो वो क्रिया पद बन जाता है। उदाहरण के लिए ‘सुन’ में जब ना जोड़ दिया जाता है तो वो सुन + ना = सुनना बन जाता है।

क्रिया के उदाहरण – Kriya Example in Hindi

  • राम बाज़ार जा रहा है।
  • रीना पढ़ रही है।
  • शीतल खाना खा रही है।
  • सीता खाना बना रही है।
  • लड़कियां क्रिकेट खेल रही है।
  • शाम ने गीत गाया।
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर ने भारत का सविंधान लिखा था।
  • कविता गाना गा रही है।
  • रामू घर की सफाई कर रहा है।

क्रिया के भेद – Kriya ke Kitne Bhed hote hain

क्रिया के कितने भेद होते है? ये एक बहुत ही आम सवाल है जो छात्रो से परीक्षाओं में भी पूछा जाता है। क्रिया के मूल रूप से 2 भेद होते है – सकर्मक क्रिया और अकर्मक क्रिया। लेकिन इसके अलावा भी सरंचना और काल के आधार पर भी क्रिया के कुछ और भेद होते है जिनकी परिभाषा और वाक्य उदाहरण आप नीचे देखोगे।

1. कर्म के आधार पर क्रिया के भेद

किसी वाक्य में क्रिया शब्द किस पर असर डालता है, कर्म या कर्ता। इस तरह किया जाने वाले क्रिया भेद, कर्म के आधार पर क्रिया के भेद के अंतर्गत आता है। कर्म के आधार पर क्रिया के 2 भेद होते है – सकर्मक क्रिया और अकर्मक क्रिया

(क) सकर्मक क्रिया – ऐसे वाक्य जहां क्रिया शब्द का बल कर्ता की जगह कर्म पर पड़े, वो सकर्मक क्रिया कहलाती है। सकर्मक में ‘स’ का अर्थ है सहित और कर्मक का अर्थ होता है ‘कर्म’ जिससे बनता है कर्म के साथ। चलिए नीचे सकर्मक क्रिया उदाहरण से समझते है।

  • राहुल साइकिल चला रहा है? – अब अगर सवाल किया जाए की राहुल क्या चला रहा है? इसका उत्तर होगा – साइकिल (कर्म)
  • सीता खाना बना रही है? – इस वाक्य में सवाल किया जाए सीता क्या बना रही है? इसका उत्तर होगा खाना (कर्म)

सकर्मक क्रिया के 2 भेद होते है – एककर्मक और द्विकर्मक क्रिया।

एककर्मक क्रिया – ऐसे वाक्य जिसमे क्रिया के साथ एक कर्म ही इस्तेमाल होता है वो एक कर्मक क्रिया कहलाते है। उदाहरण – कविता खाना बना रही है – इस वाक्य में एक कर्म ‘खाना‘ प्रयुक्त हुआ है इसलिए ये एक एककर्मक क्रिया है।

द्विकर्मक क्रिया – ऐसे सकर्मक क्रिया वाले वाक्य जहाँ पर क्रिया के साथ 2 कर्म आते है वो द्विकर्मक क्रिया कहलाती है। उदाहरण – शिक्षक छात्रो को संगीत सीखा रही है – इस वाक्य में क्रिया के साथ छात्रो और संगीत 2 कर्म है इसलिए ये द्विकर्मक क्रिया कहलाती है।

(ख) अकर्मक क्रिया – ऐसे वाक्य जहाँ पर क्रिया का असर कर्म की जगह कर्ता पर पड़े वो अकर्मक क्रिया कहलाती है। अकर्मक क्रिया में कर्म का कोई महत्व नहीं रहता। उदाहरण – सीता सोती है, राम रोता है इत्यादि।

2. संरचना के आधार पर क्रिया के भेद

हिंदी भाषा के किसी भी वाक्य में क्रिया का इस्तेमाल कहाँ और किस रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, इस आधार पर किये गए क्रिया के भेद सरंचना के आधार पर किये जाते है। संरचना के आधार पर क्रिया के 5 भेद है जिनकी परिभाषा और वाक्य उदाहरण आप नीचे देख पाएँगे।

1. संयुक्त क्रिया – जब किसी वाक्य में 2 या 2 से अधिक क्रिया धातु के रूप में प्रयुक्त होती है वो संयुक्त क्रिया कहलाती है उदाहरण – श्याम गाना गा चूका है – इस वाक्य में गाना और चुका, 2 भिन्न क्रियाए जिनके मेल से एक वाक्य बना है।

2. नामधातु क्रिया – वाक्य में उपयोग होने वाली क्रिया जब संज्ञा, विशेषण या सर्वनाम से बने तो वो नामधातु कहलाती है। उदाहरण – अपना एक सर्वनाम है जिससे अपनापन क्रिया बनती है जो नामधातु क्रिया है। हाथ एक संज्ञा है जिससे हथियाना क्रिया बनती है जो एक नामधातु क्रिया है।

3. पूर्वकालिक क्रिया – जब किसी वाक्य में 2 भिन्न क्रिया इस्तेमाल होती है जिसमे से एक क्रिया पहले सम्पन्न हो चुकी होती है वो पहली क्रिया पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है। उदाहरण – सुधीर पढ़कर खेलने लगा – इस वाक्य में पढ़कर पूर्वकालिक क्रिया है।

4. कृदंत क्रिया – जब किसी क्रिया के साथ एक प्रत्यय जुड़ता है तो नै क्रिया बनती है तो वो कृदंत क्रिया कहलाती है। उदाहरण – झुक + ना = झुकना, लिख + ना = लिखना।

5. प्ररेणार्थक क्रिया – जब किसी वाकय में कर्ता खुद काम ना करके दूसरो को कार्य करने को प्रेरित करे वो प्ररेणार्थक क्रिया कहलाती है। उदाहरण = अध्यापक ने स्कूल की सफाई करवाई – इस वाक्य में अध्यापक कर्ता है जिसने खुद कार्य ना करके दूसरो को सफाई करवाने के लिए प्रेरित किया है इसलिए यहाँ प्ररेणार्थक क्रिया का उपयोग हुआ है।

3. काल के आधार पर क्रिया के भेद

क्रिया जिस काल में पूरी हुई है उस आधार पर क्रिया के 3 भेद है जो है – भूतकालिक क्रिया, वर्तमानकालिक क्रिया और भविष्यत कालिक क्रिया।

1. भूतकालिक क्रिया – वाक्य में जब क्रिया का भूतकाल में पूरा होने का पता चले वो भूतकालिक क्रिया कहलाती है। जैसे – राम ने खाना खाया, राहुल खेलने चला गया।

2. वर्तमानकालिक क्रिया – वाक्य में जब क्रिया के वर्तमान काल में पूरा होने का पता चले उसे वर्तमानकालिक क्रिया कहते है। जैसे – सुनीता टेनिस खेल रही है, दिव्या चाय बना रही है।

3. भविष्यत्कालिक क्रिया – वाक्य में जब क्रिया के भविष्य में होने का पता चले उसे भविष्यत्कालिक क्रिया कहते है। जैसे – सुधीर परीक्षा देने मुंबई जाएगा, हम कल यहाँ खेलेंगे।

दोस्तों आज आपने जाना क्रिया किसे कहते है – परिभाषा, भेद और उदाहरण – Kriya in Hindi? क्रिया से संबधित कोई भी सवाल आप कमेंट्स में लिखकर हमसे पूछ सकते है।

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